औरंगाबाद (बिहार) : बुधवार, 29 जुलाई 2026 की शाम औरंगाबाद के नगर भवन में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ सांस्कृतिक कार्यक्रम का शानदार आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन अनुमंडल पदाधिकारी की ओर से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रोता और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत गायक ब्रजेश कुमार ने अपनी खूबसूरत आवाज़ के साथ की। मंच पर आते ही उन्होंने देशभक्ति गीत “हम भारत के रहने वाले हैं, भारत की बात सुनाता हूं” पेश किया। उनकी दमदार प्रस्तुति ने शुरुआत से ही पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

इसके बाद उन्होंने महान गायक पंकज उदास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनका मशहूर गीत “चिट्ठी आई है, चिट्ठी आई है” सुनाया। इस भावुक प्रस्तुति ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया और श्रोताओं ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया।
इसके बाद गायक अशोक कुमार मंच पर पहुंचे। उन्होंने “किसी नज़र को तेरा इंतज़ार आज भी है” और “दिल के टुकड़े-टुकड़े करके मुस्कुरा कर चल दिए” जैसे सदाबहार गीतों की शानदार प्रस्तुति देकर पूरे नगर भवन का दिल जीत लिया। उनकी गायकी पर पूरा हॉल देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
कार्यक्रम में अन्य कलाकारों ने भी अपनी-अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। “मेरे देश प्रेमियों, आपस में प्रेम करो देश प्रेमियों” और “दिल का सूना साज़ तराना ढूंढेगा, तीर निगाहें ना निशाना ढूंढेगा, मुझको मेरे बाद ज़माना ढूंढेगा” जैसे गीतों ने भी श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया और सभी ने कलाकारों की खुलकर सराहना की।
वहीं, सत्येंद्र कुमार ने देशभक्ति गीत “मां तुझे सलाम” की धुन पर शानदार नृत्य प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उनके प्रदर्शन को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया।

कार्यक्रम के अंत में अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा मंच पर मौजूद सभी अधिकारियों ने बारी-बारी से सभी कलाकारों को सम्मानित किया। इस सम्मान समारोह के साथ ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसे उपस्थित लोगों ने लंबे समय तक याद रखने लायक एक यादगार सांस्कृतिक संध्या बताया।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
