अरवल, बिहार | 22 सितंबर 2026: अरवल जिले के कुर्था प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों के बीच वितरित की जा रही ड्रेस की गुणवत्ता को लेकर अभिभावकों में नाराजगी सामने आई है। अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों को सूती कपड़ों के बजाय पॉलिस्टर से बनी ड्रेस दी जा रही है, जिसे वे बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं मान रहे हैं।
बिहार में आंगनबाड़ी और अन्य संस्थानों के बच्चों के लिए JEEViKA से जुड़ी महिलाओं द्वारा ड्रेस तैयार किए जाने की व्यवस्था संचालित है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, JEEViKA से जुड़ी महिलाओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों और आवासीय विद्यालयों के बच्चों के लिए बड़ी संख्या में ड्रेस तैयार की हैं।
अभिभावकों ने गुणवत्ता को लेकर उठाए सवाल
कुर्था में ड्रेस वितरण के बाद कुछ अभिभावकों ने कपड़े की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बच्चों के लिए इस्तेमाल किए जा रहे कपड़े ऐसे होने चाहिए, जो उनकी उम्र और मौसम के लिहाज से सुविधाजनक हों।
अभिभावकों ने दावा किया कि वितरित ड्रेस में पॉलिस्टर कपड़े का इस्तेमाल किया गया है। उनका कहना है कि इससे छोटे बच्चों को गर्मी, पसीना, खुजली या एलर्जी जैसी परेशानी होने की आशंका हो सकती है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र चिकित्सकीय या विभागीय पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
जांच और कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर बीस सूत्री सदस्य संजय कुमार ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों के लिए ड्रेस की गुणवत्ता को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
संजय कुमार ने अरवल जिलाधिकारी से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर जांच कराने और यदि अनियमितता सामने आए तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
अरवल जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर जिलाधिकारी के रूप में अमरीषा बैंस, IAS का उल्लेख है।
जीविका की आपूर्ति व्यवस्था पर भी सवाल
ग्रामीणों ने ड्रेस की आपूर्ति व्यवस्था को लेकर भी पारदर्शिता की मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों के लिए वितरित होने वाली ड्रेस की गुणवत्ता की जांच और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि राज्य स्तर पर JEEViKA के माध्यम से आंगनबाड़ी बच्चों की ड्रेस तैयार कराने की पहल को ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार से भी जोड़ा गया है। सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, JEEViKA से जुड़ी महिलाओं ने आंगनबाड़ी और आवासीय विद्यालयों के बच्चों के लिए 90 लाख से अधिक ड्रेस तैयार की हैं।
कुर्था में 141 केंद्रों पर वितरण का दावा
स्थानीय स्तर पर दी गई जानकारी के अनुसार, कुर्था प्रखंड में कुल 141 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं और इनमें से लगभग आधे केंद्रों पर बच्चों के बीच एक-एक सेट ड्रेस का वितरण किया जा चुका है।
वितरण के बाद गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों ने स्थानीय स्तर पर पूरी व्यवस्था की निगरानी और जांच की मांग को तेज कर दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और जांच में ड्रेस की गुणवत्ता को लेकर लगाए गए आरोपों की क्या स्थिति सामने आती है।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
