औरंगाबाद, बिहार: शहर में लगातार हो रही चेन स्नैचिंग की घटनाओं के बीच औरंगाबाद पुलिस ने कथित अंतरजिला और अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के जुराबगंज के रहने वाले हैं और शहर में हुई सात चेन स्नैचिंग की घटनाओं से उनका संबंध सामने आया है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक देसी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो मास्टर चाबी, एक रिंच, चोरी की मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, नगर थाना क्षेत्र से पहले छीनी गई चार सोने की चेन भी बरामद की जा चुकी हैं।
सात घटनाओं के बाद गठित हुई एसआईटी
औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने रविवार, 20 सितंबर 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नगर थाना क्षेत्र में कुछ समय से चेन स्नैचिंग की घटनाएं लगातार सामने आ रही थीं। सात मामलों को गंभीरता से लेते हुए सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया।
एसआईटी को घटनाओं का उद्भेदन करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और छीने गए आभूषणों की बरामदगी की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस ने घटनास्थलों और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसके साथ ही तकनीकी जांच और खुफिया सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। जांच में पुलिस को इन वारदातों के पीछे एक ही गिरोह के शामिल होने का शक हुआ।
दो आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, 20 सितंबर को सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य एक बार फिर चेन और रुपये छीनने की वारदात के इरादे से औरंगाबाद पहुंचे हैं। इसके बाद एसआईटी और जिला पुलिस की टीम ने कार्रवाई कर दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:
नयनशु उर्फ अभय कुमार, पिता रोबिन यादव।
हैरन कुमार, पिता गोपाल यादव।
दोनों आरोपी कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र स्थित नयाटोला जुराबगंज के निवासी बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों के खिलाफ औरंगाबाद नगर थाना क्षेत्र में चेन स्नैचिंग के सात मामले दर्ज हैं।
बिहार और झारखंड तक फैला नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बिहार के कई जिलों और झारखंड के कुछ इलाकों में चेन स्नैचिंग तथा रुपये छीनने की घटनाओं में शामिल होने की जानकारी दी है। बिहार में औरंगाबाद के अलावा रोहतास, मुजफ्फरपुर, भोजपुर, मुंगेर, वैशाली और किशनगंज जैसे जिलों का नाम सामने आया है।
झारखंड के गोड्डा, हजारीबाग और दुमका समेत अन्य जिलों में भी इस गिरोह की गतिविधियों की जांच की जा रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस की शुरुआती जांच में दोनों आरोपियों का संबंध बिहार में दर्ज 67 मामलों से सामने आया है, जबकि अन्य रिपोर्टों में करीब 70 मामलों का उल्लेख किया गया है। इसलिए मामलों की अंतिम संख्या जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस कर रही है नेटवर्क की जांच
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी जारी है।
जांच में गिरोह के काम करने के तरीके के बारे में भी जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी तेज रफ्तार मोटरसाइकिल का इस्तेमाल कर वारदात करते और तुरंत मौके से फरार हो जाते थे। चोरी के सोने के आभूषणों को बदलकर या गलाकर बेचने की आशंका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस टीम को मिली अहम बरामदगी
औरंगाबाद पुलिस की ओर से बताई गई बरामदगी में शामिल हैं:
एक देसी पिस्टल।
दो जिंदा कारतूस।
दो मास्टर चाबी।
एक रिंच।
चोरी की एक मोटरसाइकिल।
एक मोबाइल फोन।
पहले की कार्रवाई में बरामद चार सोने की चेन।
पुलिस का मानना है कि दोनों संदिग्धों की गिरफ्तारी से औरंगाबाद शहर में चेन स्नैचिंग की घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। हालांकि, आरोपियों पर लगे सभी आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।
कार्रवाई में कौन-कौन शामिल रहा?
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई में सदर-1 एसडीपीओ, नगर थाना पुलिस, जिला आसूचना इकाई और अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस अब बरामद सामान, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुराने मामलों की कड़ियां जोड़ रही है।
गिरोह के अन्य सदस्यों और अलग-अलग जिलों में दर्ज मामलों की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित थानों से भी संपर्क किया जा रहा है।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
