औरंगाबाद (बिहार): रफीगंज नगर पंचायत में विकास कार्यों के टेंडर और उनकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। नगर पंचायत की चेयरमैन मिरिख दरखशां के प्रतिनिधि डॉ. गुलाम शाहिद ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा अधिकतर कार्यों को टेंडर के माध्यम से कराया जा रहा है और आरोप लगाया कि कुछ कार्य चहेते लोगों को दिए जाने की कोशिश की जा रही है।
डॉ. गुलाम शाहिद ने कहा कि टेंडर के माध्यम से होने वाले कार्य और जेई के स्तर पर कराए जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता में काफी अंतर होता है। उनके अनुसार, जेई की निगरानी में होने वाले कार्यों में बेहतर गुणवत्ता का ध्यान रखा जाता है, जबकि बाहर के ठेकेदारों द्वारा कराए जाने वाले कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने रफीगंज के बाबूगंज स्थित स्टेट बैंक के सामने बनाए गए एक शौचालय का उदाहरण देते हुए उसकी निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाया। उनका आरोप है कि उक्त निर्माण कार्य बेहद खराब स्थिति में है और इसके बावजूद भुगतान की प्रक्रिया को लेकर मामला आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में अपेक्षित गुणवत्ता नहीं दिखाई देती।
चेयरमैन प्रतिनिधि ने योजनाओं को लेकर क्या कहा?
नगर पंचायत के विकास कार्यों को लेकर पूछे गए सवाल पर चेयरमैन प्रतिनिधि डॉ. गुलाम शाहिद ने कहा कि नगर पंचायत की ओर से जिन योजनाओं को स्वीकृत किया गया है, उनकी जानकारी अपलोड की जा रही है, ताकि आम लोग उन्हें देख सकें और अपने क्षेत्र में जरूरी कार्यों की मांग कर सकें।
उन्होंने कहा कि नगर पंचायत की ओर से कार्य शुरू कराने के लिए कार्यालय को पत्र भी दिया गया है। उनके अनुसार, 23 जून 2026 से ही कार्यालय में पत्र देकर जल्द से जल्द कार्य शुरू कराने की मांग की जा रही है।
डॉ. गुलाम शाहिद ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का काम योजनाओं पर निर्णय लेना और राशि का आवंटन करना है। उनके अनुसार, नगर पंचायत की ओर से राशि आवंटित की जा चुकी है, जबकि कार्य कब शुरू कराया जाएगा, यह संबंधित कार्यालय और अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
कार्यपालक पदाधिकारी ने मांगा समय
चेयरमैन प्रतिनिधि द्वारा लगाए गए आरोपों पर नगर पंचायत रफीगंज की कार्यपालक पदाधिकारी मैमून निशा का पक्ष जानने के लिए संवाददाता ने उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया।
बातचीत के दौरान कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि वह उस समय कार्यालय से निकल चुकी हैं और फील्ड में जाना है। उन्होंने कहा कि तत्काल समय का अभाव है, इसलिए वह फिलहाल विस्तृत बयान नहीं दे पाएंगी।
उन्होंने संवाददाता से सोमवार को कार्यालय आने का अनुरोध करते हुए कहा कि कार्यालय में बैठकर इन सभी मामलों पर अपना पक्ष और बयान उपलब्ध करा देंगी।
फिलहाल नगर पंचायत में टेंडर, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और विकास योजनाओं को लेकर लगाए गए आरोपों पर कार्यपालक पदाधिकारी का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है। उनके पक्ष के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
