अरवल, बिहार, 26 अक्टूबर 2026। बच्चों को यौन शोषण से बचाने, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अरवल स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में सुरक्षित बचपन अभियान (सेफ चाइल्डहुड कैंपेन) का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार, अरवल के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों की सुरक्षा, बाल अधिकारों और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीजीएम मनीष कुमार पांडेय उपस्थित रहे। इस दौरान डॉ. राजेश चंद्रा और दिल्ली पब्लिक स्कूल के निदेशक धर्मेंद्र कुमार की भी मौजूदगी रही। वक्ताओं ने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श की पहचान पर जोर
अभियान के दौरान बच्चों को सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श के बीच अंतर समझाने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्हें बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें असहज महसूस कराता है या उनके साथ गलत व्यवहार करता है, तो ऐसी स्थिति में चुप रहने के बजाय किसी भरोसेमंद अभिभावक, शिक्षक या जिम्मेदार व्यक्ति को जानकारी देना जरूरी है।
बच्चों को यह भी समझाने पर जोर दिया गया कि उनकी सुरक्षा और सम्मान महत्वपूर्ण हैं तथा किसी भी तरह की परेशानी या शोषण की स्थिति में मदद मांगने से घबराना नहीं चाहिए।
POCSO अधिनियम और बाल अधिकारों की जानकारी
कार्यक्रम का एक प्रमुख उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम यानी POCSO Act के बारे में जागरूक करना था। इस कानून का उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करना और ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की व्यवस्था करना है।
अभियान के माध्यम से बाल अधिकारों के संरक्षण, बच्चों की शिकायतों को गंभीरता से लेने और जरूरत पड़ने पर उचित सहायता प्राप्त करने के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने की पहल
कार्यक्रम में बच्चों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया गया, जहां वे बिना डर के अपनी समस्याएं साझा कर सकें और समय पर सहायता प्राप्त कर सकें। विद्यालय, परिवार और समाज की भूमिका को भी बच्चों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना गया।
सुरक्षित बचपन अभियान का उद्देश्य बच्चों को जागरूक बनाना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और यौन शोषण जैसी घटनाओं की रोकथाम के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना है। अरवल में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए बच्चों की सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए जागरूकता का संदेश दिया गया।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
