औरंगाबाद (बिहार), 2 नवंबर 2026: जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक पुराने बीमा विवाद में सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी को शिकायतकर्ता के पक्ष में मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने कंपनी को 1,77,582 रुपये की राशि 45 दिनों के भीतर भुगतान करने के साथ-साथ 6 प्रतिशत सालाना ब्याज और 10,000 रुपये मुकदमे के खर्च के रूप में देने का निर्देश दिया है।
इस संबंध में अधिवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला शिकायत वाद संख्या 59/2015 से जुड़ा है। रफीगंज निवासी जगजीवन राम वुटकरी ने रामानंदी ऑटोमोबाइल प्राइवेट लिमिटेड, डोभी (गया), आईसीआईसीआई लोम्बार्ड मोटर इंश्योरेंस कंपनी के मुख्य प्रबंधक और शाखा प्रबंधक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने 27 फरवरी 2014 को एक वाहन खरीदा था और उसका बीमा आईसीआईसीआई लोम्बार्ड से 27 फरवरी 2015 तक कराया था। इसी दौरान कठतारा, रफीगंज जाने के क्रम में रास्ते में उनका वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद उग्र लोगों ने वाहन में आग लगा दी, जिससे वह पूरी तरह जलकर राख हो गया।
इस घटना को लेकर प्राथमिकी संख्या 94/14 दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने भी घटना की पुष्टि की थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी के समक्ष वाहन के नुकसान का दावा पेश किया।
आरोप है कि बीमा कंपनी ने क्लेम के निपटारे के लिए जरूरी दस्तावेज लेने के बावजूद भुगतान करने में टालमटोल किया। काफी इंतजार के बाद भी जब मुआवजे की राशि नहीं मिली, तो शिकायतकर्ता ने जिला उपभोक्ता अदालत का दरवाजा खटखटाया।
मामले की सुनवाई के बाद जिला उपभोक्ता अदालत के सदस्य बद्रीनारायण सिंह ने बीमा कंपनी को 1,77,582 रुपये का भुगतान 45 दिनों के भीतर करने का आदेश दिया। इसके अलावा कंपनी को इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और 10,000 रुपये वाद खर्च के रूप में भी अदा करने का निर्देश दिया गया है।
सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता रविन्द्र सिंह और बीमा कंपनी की ओर से अधिवक्ता अजय शर्मा उपस्थित रहे।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
