औरंगाबाद (बिहार): बिहार के औरंगाबाद स्थित व्यवहार न्यायालय में शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को मदनपुर थाना कांड संख्या 402/24 में अहम फैसला सुनाया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी 12 अभियुक्तों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग धाराओं में दोषी करार दिया है। अब सभी दोषियों को 20 नवंबर 2026 को सजा सुनाई जाएगी।
इस संबंध में लोक अभियोजक अजय कुमार संतोष ने बताया कि प्राथमिकी में नामजद अभियुक्त रामेश्वर भुईयां, निवासी बेलहर महुआवां, थाना मदनपुर को बीएनएस की धारा 103 के तहत दोषी करार दिया गया है।
वहीं, काराधीन अभियुक्त बन्नी भुईयां, कुलदीप भुईयां और विकास भुईयां को बीएनएस की धारा 117(2) के तहत दोषी ठहराया गया है।
इसके अलावा पिंटू, दशरथ, मुन्ना, असंत, योगेन्द्र, अर्जुन भुईयां, चिंता देवी और रजली देवी को भी बीएनएस की धारा 117(2) के तहत दोषी करार दिया गया है। अदालत ने इनके बंधपत्र निरस्त करते हुए जेल भेजने का आदेश दिया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए 8 गवाह
लोक अभियोजक ने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाहों की गवाही कराई गई। गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी 12 अभियुक्तों को दोषी करार दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मामले के संबंध में अधिवक्ता ने बताया कि प्राथमिकी सूचक कुंती देवी, निवासी बेलहर महुआवां, थाना मदनपुर ने 13 अक्टूबर 2024 को मदनपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
प्राथमिकी के मुताबिक, 12 अक्टूबर 2024 की रात करीब 9 बजे सभी नामजद अभियुक्त लाठी-डंडे और लोहे की रॉड लेकर उनके घर के दरवाजे पर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पहुंचकर वे गाली-गलौज करने लगे।
जब कुंती देवी के ससुर लक्ष्मण भुईयां ने उन्हें गाली देने से मना किया तो अभियुक्तों ने कथित तौर पर लाठी-डंडे और रॉड से उन पर हमला कर दिया। इस दौरान उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। बाद में इलाज के दौरान लक्ष्मण भुईयां की मौत हो गई।
वहीं, बीच-बचाव करने पहुंचे परिवार के अन्य सदस्य, उनके पति नागेन्द्र भुईयां और देवर अजय भुईयां भी घायल हो गए थे।
8 मार्च 2025 को दाखिल हुआ था आरोप पत्र
अधिवक्ता के मुताबिक, इस मामले में अभियुक्तों के खिलाफ 8 मार्च 2025 को आरोप पत्र दाखिल किया गया था। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 6 नवंबर 2026 को अदालत ने सभी 12 अभियुक्तों को दोषी करार दिया।
अब इस मामले में 20 नवंबर 2026 को अदालत की ओर से सजा सुनाई जाएगी।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
