अरवल, बिहार | 22 सितंबर 2026: अरवल समाहरणालय सभागार में पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, थानाध्यक्ष, शाखा प्रभारी और अन्य संबंधित पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में जिले की विधि-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, लंबित कांडों के निष्पादन, अनुसंधान की प्रगति और पुलिसिंग व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
सक्रिय और जनोन्मुखी पुलिसिंग पर जोर
पुलिस अधीक्षक ने सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सक्रिय एवं जनोन्मुखी पुलिसिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों में सुरक्षा की भावना बनाए रखने और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस की मौजूदगी लगातार दिखाई देनी चाहिए।
इसके लिए नियमित गश्ती, वाहन जांच तथा संवेदनशील और अपराध प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाने को कहा गया।
बैठक में प्रातःकालीन, मध्याह्न, संध्याकालीन और रात्रिकालीन गश्ती को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
लंबित कांडों के गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान का निर्देश
बैठक के दौरान लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने सभी अनुसंधानकर्ताओं को मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध अनुसंधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
गंभीर एवं सनसनीखेज मामलों के शीघ्र उद्भेदन, लंबित कांडों के निष्पादन, आरोप पत्र समर्पित करने और स्पीडी ट्रायल से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई।
इसके साथ ही न्यायालय से निर्गत लंबित वारंट, इश्तहार और कुर्की के मामलों में तेजी लाने तथा फरार और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
सक्रिय अपराधियों और शराब तस्करों पर निगरानी
पुलिस अधीक्षक ने जेल से रिहा हुए अपराधियों और सक्रिय अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया। इसके अलावा शराब तस्करों, भू-माफिया, एनडीपीएस एक्ट के आरोपितों तथा लूट, डकैती, चोरी और अन्य संगठित अपराधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने को कहा गया।
बैठक में अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों को चिन्हित करने पर भी जोर दिया गया। पुलिस पदाधिकारियों को संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत ऐसी संपत्तियों की जब्ती और कुर्की की कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया गया।
साइबर अपराध पर भी विशेष फोकस
मासिक अपराध गोष्ठी में साइबर अपराध और साइबर ठगी के मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को साइबर अपराध के मामलों का त्वरित निष्पादन करने के साथ-साथ आम लोगों को साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों के प्रति जागरूक करने का निर्देश दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने साइबर अपराध में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
शराब निर्माण और तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रखने का निर्देश
मद्यनिषेध अभियान की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधिकारियों को शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और अनुसंधान से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
