नगर परिषद, औरंगाबाद के उत्क्रमण के मुद्दे को लेकर आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा नेता अनिल कुमार सिंह ने जिला मुख्यालय औरंगाबाद को नगर परिषद से उत्क्रमित कर नगर निगम बनाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के अध्यक्ष को इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर भेजना चाहिए, ताकि शहर के आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
अनिल कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान में जिला मुख्यालय औरंगाबाद की आबादी करीब 2 लाख 60 हजार है, जबकि नियम के मुताबिक नगर निगम बनाने के लिए 2 लाख की आबादी ही निर्धारित है। ऐसे में उनके अनुसार औरंगाबाद नगर निगम बनाने की अहर्ता पूरी करता है और सरकारी नियम के मुताबिक इसके लिए योग्य है।
नगर निगम बनने से मिलने वाली सुविधाओं का किया जिक्र
प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा नेता ने कहा कि अगर जिला मुख्यालय औरंगाबाद को नगर परिषद से नगर निगम में परिवर्तित कर दिया जाता है, तो शहर को कई सुविधाएं मिल सकती हैं।
उन्होंने कहा कि नगर निगम बनने के बाद एक आईएएस अफसर की पोस्टिंग होगी। इसके अलावा दो डिप्टी कलेक्टर मिलेंगे। राज्य और केंद्र सरकार से भी अनुदान मिलने की बात उन्होंने कही। साथ ही उन्होंने कहा कि सशक्त स्थायी समिति का अपना फंड भी होगा।
30 अगस्त 2026 तक प्रस्ताव भेजने की अपील
अनिल कुमार सिंह ने कहा कि नगर परिषद को नगर निगम में उत्क्रमित करने के लिए बिहार सरकार की ओर से अंतिम तिथि 30 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। इसलिए नगर परिषद को बिना देर किए प्रस्ताव तैयार कर भेज देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर नगर परिषद की ओर से अब भी नगर निगम बनाने का प्रस्ताव नहीं भेजा जाता है, तो नगर परिषद, औरंगाबाद शहर के विकास में बाधक मानी जाएगी। उनके अनुसार शहर की आबादी 2 लाख से अधिक है और वह नगर निगम के लिए निर्धारित अहर्ता पूरी करता है।
जिला पदाधिकारी को भी प्रस्ताव भेजने का अधिकार
भाजपा नेता ने कहा कि अगर नगर परिषद, औरंगाबाद की ओर से प्रस्ताव तैयार कर नहीं भेजा जाता है, तो जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा को भी स्वतः प्रस्ताव भेजने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि जिला पदाधिकारी को प्रदत्त शक्ति के तहत यह प्रस्ताव भेजा जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि 30 अगस्त 2026 की अंतिम तिथि के बाद पंचायत चुनाव का परिसीमन होना है।
प्रेस कांफ्रेंस में मुद्दे के गौण होने पर भी सवाल
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एक संवाददाता ने भाजपा नेता अनिल कुमार सिंह से सवाल किया कि उनकी ओर से नगर परिषद, औरंगाबाद के खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की जाती है, लेकिन बाद में वह मुद्दा गौण हो जाता है। उन्होंने पूछा कि इसको लेकर वह क्या कहना चाहेंगे।
इस सवाल के जवाब में अनिल कुमार सिंह ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ज्वलंत मुद्दा है तो उन्हें बताया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों के लिए अगर उनकी अपनी पार्टी की सरकार भी हो, तब भी वह हक के साथ लड़कर काम करवाते हैं।
रामनगर बिगहा को नगर परिषद क्षेत्र में शामिल करने का मुद्दा
प्रेस कांफ्रेंस में शहर के क्षेत्र विस्तार से जुड़ा एक सवाल भी उठाया गया। संवाददाता ने कहा कि महावीर नगर, वार्ड नंबर 02 नगर परिषद क्षेत्र, औरंगाबाद में आता है। वहीं रामनगर-पासवान चौक-सीमेंट फैक्ट्री जाने वाली मुख्य सड़क के उत्तर दिशा में स्थित रामनगर बिगहा को बेला पंचायत में रखा गया है।
इस पर सवाल किया गया कि रामनगर बिगहा को भी नगर परिषद क्षेत्र, औरंगाबाद के अंदर होना चाहिए, इस मुद्दे पर उनका क्या कहना है।
अनिल कुमार सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि यह निश्चित रूप से विचित्र स्थिति है। उन्होंने कहा कि रामनगर बिगहा को भी नगर परिषद क्षेत्र, औरंगाबाद के अंदर ही होना चाहिए, क्योंकि रामनगर बिगहा का बेला पंचायत से कोई लेना-देना नहीं है।
गरीब और अधूरे मकानों के होल्डिंग टैक्स पर भी सवाल
प्रेस कांफ्रेंस में नगर परिषद क्षेत्र के होल्डिंग टैक्स का मुद्दा भी उठाया गया। संवाददाता ने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र, औरंगाबाद में ऐसे बहुत से मकान हैं जो अभी पूर्ण नहीं हैं। इसके अलावा गरीब तबके के लोग भी बड़ी संख्या में रहते हैं। ऐसे लोगों को देखकर लगता है कि उन पर होल्डिंग टैक्स नहीं लगाया जाना चाहिए।
इस पर भाजपा नेता अनिल कुमार सिंह ने कहा कि यह वास्तव में गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद को भी ऐसे मामलों में टैक्स फ्री करने का अधिकार प्राप्त है। उनके अनुसार, ऐसे लोगों का होल्डिंग टैक्स फ्री कर देना चाहिए।
प्रेस कांफ्रेंस में ये लोग भी रहे मौजूद
आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा नेता अनिल कुमार सिंह के साथ मंच पर औरंगाबाद जिला के पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार सिंह, मीडिया प्रभारी दीपक कुमार सिंह, टुनटुन सिंह, वरीय अधिवक्ता सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
प्रेस कांफ्रेंस में औरंगाबाद को नगर निगम बनाने के प्रस्ताव से लेकर शहर की सीमा, रामनगर बिगहा और गरीब परिवारों के होल्डिंग टैक्स जैसे स्थानीय मुद्दों पर भी विस्तार से बात रखी गई।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
