अमेरिका के आर्थिक युद्ध में शामिल देशों को ईरान की चेतावनी, कहा- दुश्मन माना जाएगा

Share this News

तेहरान: ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेज़ाई ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के खिलाफ चलाए जा रहे आर्थिक युद्ध में जो भी देश शामिल होगा, उसे तेहरान दुश्मन मानेगा।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव रेज़ाई ने शनिवार को सरकारी चैनल आईआरआईबी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही।

उन्होंने कहा कि ईरान ऐसे देशों से पहले बातचीत करेगा और उनसे संघर्ष से दूर रहने को कहेगा। लेकिन अगर वे ऐसा करने से इनकार करते हैं, तो तेहरान उनके हितों पर हमला करेगा।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर भी चेतावनी

रेज़ाई ने कहा कि अगर आसपास के देश अमेरिका की घेराबंदी में शामिल होने का फैसला करते हैं, तो ईरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य से एक बूंद तेल भी निर्यात नहीं होने देगा।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने पिछले कई वर्षों के दौरान अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने और तेल की बिक्री जारी रखने के तरीके सीख लिए हैं। यह जानकारी शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने दी।

रेज़ाई ने एक बार फिर कहा कि जब तक अमेरिका ईरान-अमेरिका शांति समझौता ज्ञापन के तहत अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि इस बार अमेरिका को पहले कदम उठाना होगा।

ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिकी आर्थिक अभियान को बताया विफल

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी अमेरिका के आर्थिक दबाव पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का आर्थिक अभियान भी देश पर लगाए गए दूसरे दबावों की तरह नाकाम होने वाला है।

सोशल मीडिया मंच एक्स पर अराघची ने अमेरिका के पुराने आर्थिक दबावों का जिक्र करते हुए कहा कि 14 साल पहले लगाए गए सबसे कड़े प्रतिबंध विफल हुए। इसके बाद अधिकतम दबाव की नीति भी विफल रही और पांच महीने पहले बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग भी नाकाम हुई। अब घोषित किए गए सबसे बड़े आर्थिक अभियान के भी विफल होने की संभावना है।

ट्रंप ने घोषित किया था बड़ा आर्थिक अभियान

ईरान की ओर से ये बयान उस समय आए हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान को सहारा देने वाले किसी भी देश के खिलाफ अब तक का सबसे कठोर आर्थिक अभियान शुरू करने की घोषणा की थी।

ट्रंप ने इसे अभूतपूर्व स्तर का आर्थिक युद्ध और अलगाव बताया था। उन्होंने इस कदम को आर्थिक डी-डे भी कहा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर यह घोषणा की थी।

ईरान-अमेरिका समझौते को लेकर स्थिति अब भी साफ नहीं

18 जून को अमेरिका और ईरान ने लेबनान समेत क्षेत्र के सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने को लेकर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे।

इस समझौते के तहत दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर बातचीत करने और अंतिम समझौते तक पहुंचने की दिशा में आगे बढ़ना था। यह अवधि सोमवार को समाप्त हो गई।

हालांकि, पिछले महीने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद अब इन बातचीत का भविष्य स्पष्ट नहीं है।

इस बीच ईरान की ओर से होर्मुज़ जलडमरूमध्य, तेल निर्यात और अमेरिका के आर्थिक दबाव को लेकर दिए गए सख्त बयानों से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

रिपोर्ट : इस्मा टाइम्स न्यूज़ डेस्क.

Share this News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *