बिहार कांग्रेस में अंदरूनी विरोध तेज, औरंगाबाद के कार्यकर्ता राजेश राम और कृष्णा अलावरू के खिलाफ दिल्ली रवाना

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औरंगाबाद (बिहार): बिहार कांग्रेस में संगठनात्मक स्तर पर असंतोष की आवाजें अब खुलकर सामने आने लगी हैं। औरंगाबाद के कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता रविवार, 6 सितंबर 2026 को दिल्ली के लिए रवाना हुए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने बिहार कांग्रेस से जुड़े मौजूदा हालात और अपनी शिकायतें रखने के लिए दिल्ली जा रहे हैं।

कार्यकर्ताओं ने बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार उर्फ राजेश राम और बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अलावरू के खिलाफ मोर्चा खोलने की बात कही है। उनका कहना है कि दोनों नेताओं की कार्यप्रणाली को लेकर पुराने और जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं में नाराज़गी है। कार्यकर्ता पार्टी नेतृत्व से दोनों नेताओं को उनके मौजूदा पदों से हटाने की मांग भी रखने की तैयारी में हैं।

जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी का लगाया आरोप

दिल्ली रवाना हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जब से कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र संख्या-222 (सुरक्षित) के पूर्व विधायक राजेश कुमार उर्फ राजेश राम को बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी की जिम्मेदारी मिली है, तब से संगठन में लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है।

कार्यकर्ताओं का दावा है कि 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी जमीनी स्तर पर सक्रिय कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया गया। उनका आरोप है कि टिकट वितरण में योग्य और पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी हुई। कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले में बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अलावरू की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।

हालांकि, टिकट वितरण में पैसे के इस्तेमाल से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के लिए नहीं हो सकी है। संबंधित नेताओं का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जा सकता है।

चुनावी प्रदर्शन को लेकर भी उठाए सवाल

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिहार में पार्टी के हालिया चुनावी प्रदर्शन को लेकर भी नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी की स्थिति बेहद कमजोर हुई है और कांग्रेस विधानसभा में महज कुछ सीटों तक सीमित रह गई।

कार्यकर्ताओं ने पार्टी के चुनावी प्रदर्शन के साथ-साथ निर्वाचित विधायकों के पार्टी से दूर होने को भी संगठनात्मक नेतृत्व की नाकामी से जोड़कर देखा है। उनका सवाल है कि ऐसी स्थिति के लिए आखिर जवाबदेही किसकी तय की जानी चाहिए।

खड़गे और राहुल गांधी से शिकायत रखने की तैयारी

दिल्ली पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और अन्य शीर्ष नेताओं के सामने अपनी शिकायतें रखने की तैयारी में हैं।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे किसी व्यक्तिगत विवाद के बजाय पार्टी संगठन की स्थिति से शीर्ष नेतृत्व को अवगत कराना चाहते हैं। उनका दावा है कि बिहार में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए पुराने और जमीनी कार्यकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर गलत फैसलों या संगठनात्मक कमियों पर शीर्ष नेतृत्व को जानकारी देना कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है, ताकि समय रहते जरूरी सुधार किए जा सकें।

8 सितंबर को दिल्ली में विरोध का ऐलान

दिल्ली रवाना होने से पहले बातचीत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे 8 सितंबर 2026 को संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ धरना देने की योजना बना रहे हैं।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि धरने के जरिए वे अपनी मांगों और शिकायतों को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचाएंगे। इसके बाद इन शिकायतों पर क्या फैसला लिया जाए, यह कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर निर्भर करेगा।

फिलहाल, बिहार कांग्रेस के भीतर उठ रहे इन विरोध के स्वरों पर पार्टी नेतृत्व की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। यदि प्रदेश कांग्रेस या संबंधित दोनों नेताओं की ओर से कोई स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो उससे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.

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