देव मेडिकल कॉलेज पर पीपीपी मॉडल की चर्चा से गरमाई सियासत, विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने दी सफाई

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औरंगाबाद, बिहार: भगवान भास्कर की नगरी देव में पातालगंगा मठ की जमीन पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के निर्माण को लेकर इन दिनों राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि जब बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यहां सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की थी, तो अब इसके निर्माण में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल की चर्चा कहां से शुरू हो गई?

इसी मुद्दे पर रफीगंज विधानसभा क्षेत्र संख्या 224 के जदयू विधायक एवं समाजसेवी प्रमोद कुमार सिंह ने अपना पक्ष रखा। शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को दुर्गा पूजा के नवरात्र की सप्तमी तिथि पर जिला मुख्यालय स्थित अपने आवास पर बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से मेडिकल कॉलेज का निर्माण पीपीपी मॉडल पर कराने को लेकर कोई आधिकारिक पत्र उनकी जानकारी में नहीं है।

पीपीपी मॉडल पर निर्माण की चर्चा को विधायक ने बताया बेबुनियाद

प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि मीडिया में पीपीपी मॉडल को लेकर जो बातें सामने आ रही हैं, उनकी पुष्टि करने वाला कोई सरकारी आदेश अब तक उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी के पास सरकार का आधिकारिक पत्र है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि स्थिति साफ हो सके।

विधायक के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज का निर्माण किस तरीके से होगा, इस पर सरकार की ओर से अभी कोई अंतिम फैसला उनकी जानकारी में नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल चर्चाओं के आधार पर यह मान लेना सही नहीं होगा कि मेडिकल कॉलेज पीपीपी मॉडल पर ही बनाया जाएगा।

नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा से जुड़ी है मेडिकल कॉलेज की योजना

विधायक प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2025 में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी प्रगति यात्रा के दौरान देव पहुंचे थे। उसी दौरान उन्होंने पातालगंगा मठ की जमीन पर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल बनाने की घोषणा की थी।

प्रमोद कुमार सिंह ने इसे औरंगाबाद जिले के लोगों के लिए नीतीश कुमार की ओर से दी गई बड़ी सौगात बताया। उन्होंने कहा कि औरंगाबाद मुख्य रूप से किसानों और मजदूरों का जिला है। ऐसे में यहां सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का निर्माण होना चाहिए, ताकि आम लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि इस योजना को लेकर जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा हुई है और उनकी भी मांग रही है कि मेडिकल कॉलेज सरकारी व्यवस्था के तहत बनाया जाए।

पातालगंगा मठ की जमीन अधिग्रहण में कई लोगों का योगदान

जदयू विधायक ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन की व्यवस्था करना पहले एक बड़ी चुनौती थी। अब पातालगंगा मठ की जमीन मेडिकल कॉलेज के लिए उपलब्ध कराई गई है और उसे राज्यपाल के नाम पर मेडिकल कॉलेज के उद्देश्य से लिखे जाने की बात उन्होंने कही।

उन्होंने इस प्रक्रिया में मठ के महंत, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के योगदान की सराहना की। विधायक के अनुसार, जमीन की व्यवस्था में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ अधिकारियों ने भी सहयोग किया।

उन्होंने कहा कि विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया था। साथ ही, स्थानीय स्तर पर मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए गए। प्रमोद कुमार सिंह ने मठ प्रबंधन का आभार जताते हुए कहा कि जमीन उपलब्ध होने से इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।

मेडिकल कॉलेज के श्रेय को लेकर भी दिया बयान

प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि इस योजना का श्रेय किसी एक नेता को लेने के बजाय सभी के प्रयासों को स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय नीतीश कुमार को देते हुए कहा कि यह योजना उनके कार्यकाल में घोषित की गई थी और औरंगाबाद के विकास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने यह भी कहा कि जमीन को लेकर पहले अलग-अलग स्थानों पर मेडिकल कॉलेज बनाने की बातें सामने आती रही थीं, लेकिन अंततः देव में पातालगंगा मठ की जमीन पर इसे स्थापित करने की दिशा में प्रयास सफल हुए।

पीपीपी मॉडल पर विरोध की बात पर क्या बोले विधायक?

मेडिकल कॉलेज को यदि पीपीपी मॉडल पर बनाया जाता है, तो इसका विरोध किए जाने संबंधी सवाल पर प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि अभी सरकार की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक निर्णय उनकी जानकारी में नहीं है।

भाजपा के स्थानीय नेता प्रवीण कुमार सिंह द्वारा पीपीपी मॉडल के तहत निर्माण होने की स्थिति में विरोध करने और जरूरत पड़ने पर पटना उच्च न्यायालय जाने की बात पर भी जदयू विधायक ने प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि प्रवीण कुमार सिंह ने मीडिया के माध्यम से अपना विरोध जताया है, लेकिन सरकार की ओर से पीपीपी मॉडल को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि आगे ऐसी कोई स्थिति बनती है, तो वह मुख्यमंत्री से इस विषय पर बात करेंगे।

प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने जिस उद्देश्य से मेडिकल कॉलेज की घोषणा की थी, उसी के अनुरूप इसके निर्माण को लेकर सरकार के समक्ष अपनी बात रखेंगे।

अब सरकार के आधिकारिक फैसले पर टिकी नजरें

देव में मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल का निर्माण औरंगाबाद जिले के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, पीपीपी मॉडल को लेकर उठे सवालों के बीच विधायक के बयान ने इस बात को सामने रखा है कि उनकी जानकारी में अभी तक कोई आधिकारिक सरकारी आदेश नहीं आया है।

अब इस परियोजना के निर्माण की प्रक्रिया, वित्तीय मॉडल और सरकारी व्यवस्था को लेकर सरकार की ओर से स्पष्ट जानकारी सामने आने का इंतजार है। फिलहाल, मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है, जबकि स्थानीय लोगों की उम्मीदें इस परियोजना के जल्द आगे बढ़ने पर टिकी हैं।

रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.

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