बिहार, 18 अक्टूबर 2026: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के उत्तरी हिस्से में गिरिश पार्क थाना क्षेत्र के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में हुए दर्दनाक हादसे से देशभर में शोक का माहौल है। इस घटना में 19 लोगों की मौत और 25 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर के बाद बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के नेताओं ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।
कांग्रेस नेताओं ने मृतकों के परिजनों के प्रति दुख जताते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि वह इस कठिन समय में उन्हें दुख सहने की शक्ति प्रदान करे। नेताओं ने हादसे की न्यायिक जांच कराने, घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग भी की है।
बिहार कांग्रेस नेताओं ने जताया गहरा दुख
इस दुखद घटना पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राम प्रमोद सिंह, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि शशि किशोर शिशु, बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, सुनील कुमार सिन्हा, शिव कुमार चौरसिया, धर्मेंद्र कुमार निराला, सुनील कुमार पासवान, राम विनय शर्मा, बलमुकुंद पांडेय, राजेन्द्र सिंह, शंभू शरण सिंह और मदन सिंह सहित अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया।
नेताओं ने कहा कि धार्मिक उत्सव के दौरान इस तरह की दर्दनाक घटना बेहद दुखद है। मृतकों में महिलाओं और बच्चों की संख्या अधिक होने की बात भी सामने आई है, जिससे लोगों का दुख और बढ़ गया है।
बारिश और भगदड़ की स्थिति को लेकर जताई चिंता
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, बारिश के दौरान पंडाल में अचानक भीड़ बढ़ने और लोगों के बीच अफरा-तफरी मचने से यह हादसा हुआ। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी धार्मिक सभा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
नेताओं ने सरकार से मांग की कि घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए, ताकि हादसे के कारणों का पता चल सके और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि जांच का उद्देश्य केवल जिम्मेदारी तय करना ही नहीं, बल्कि भविष्य में धार्मिक आयोजनों के दौरान ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करना भी होना चाहिए।
मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये देने की मांग
बिहार कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की मांग करते हुए कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने घायलों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और मृतकों के परिजनों में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करने की मांग की।
नेताओं का कहना है कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उन्हें इस कठिन समय में आर्थिक और सामाजिक सहारा मिलना चाहिए। वहीं, घायल लोगों के इलाज और उनके परिवारों की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत
कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई इस घटना ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा इंतजामों की अहमियत को फिर सामने ला दिया है।
बिहार कांग्रेस नेताओं ने सरकार से मांग की कि हादसे की जांच के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
नेताओं ने मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग दोहराई।
नोट: मुआवजे, सरकारी नौकरी और न्यायिक जांच से संबंधित बातें कांग्रेस नेताओं की मांगें हैं, सरकार की घोषित सहायता के रूप में नहीं।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
