गोरखपुर में नेहा बोरा का तेज़ भाषण: योगी सरकार पर ‘गुंडा’ जैसे शब्द, छात्रों के मुद्दे गरमाए

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सोमवार, 14 सितंबर 2026 को गोरखपुर के गोकुल अतिथि भवन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने Gen-Z महाजुटन कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मंच से उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य में छात्र-युवाओं की स्थिति पर सीधी-सीधी, तेज़ ज़ुबानी बातें कहीं—जिसने सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में बहस शुरू कर दी।

भाषण के मुख्य मुद्दे: शिक्षा, नौकरी और डर का माहौल

नेहा बोरा ने अपने भाषण में कई ठोस मुद्दों को उठाया:

पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था: उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग की और पेपर लीक जैसे मामलों पर सरकार से जवाब तलब किया।

बेरोज़गारी और भर्ती में देरी: उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश में लंबे समय से बड़े पैमाने पर भर्तियां नहीं हुईं; 2018 से भर्ती का बैकलॉग जमा है। उन्होंने कम से कम 60,000 पदों की सूचना और पुरानी भर्तियों को मंज़ूरी देने की मांग दोहराई।

छात्रावास और छात्रवृत्ति: सरकारी विश्वविद्यालयों में छात्रावास (खासकर महिला छात्रावास) की कमी, छात्रवृत्ति में देरी और बजट कटौती से बुनियादी सुविधाएं प्रभावित होने का ज़िक्र किया।

बुलडोज़र कार्रवाई और सामाजिक असमानता: नेहा ने बुलडोज़र कार्रवाई को निशाने पर लिया और दावा किया कि इनसे मुस्लिम और दलित परिवारों की आजीविका व आवास ज़्यादा प्रभावित हुए हैं।

कानून-व्यवस्था और हिंसा: उन्होंने मॉब लिंचिंग, हत्याओं और यौन हिंसा जैसे मामलों का हवाला देकर कहा कि राज्य में डर का माहौल बना हुआ है।

योगी आदित्यनाथ पर कड़े शब्द: ‘गुंडा’, ‘दंगा’ और आलोचना की वजह

सबसे ज़्यादा चर्चा इस बात की हुई कि नेहा बोरा ने अपने भाषण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए ‘गुंडा’ और ‘दंगा’ जैसे शब्द इस्तेमाल किए। उन्होंने सरकार पर अराजकता फैलाने और हिंदू-मुस्लिम के नाम पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।

उनका एक और दावा था कि सरकार सड़कों पर नमाज़ पढ़ने से आपत्ति जताती है, मगर थाने में जन्माष्टमी के दौरान उपद्रव होने पर कार्रवाई को लेकर सवाल नहीं उठाती। साथ ही, उन्होंने हिंदू युवा वाहिनी को योगी का ‘पेट प्रोजेक्ट’ करार देते हुए पूर्वांचल में दंगे कराने का आरोप लगाया।

कार्यक्रम के बाद जब उनसे इस भाषा के इस्तेमाल पर सवाल किया गया, तो नेहा ने कहा कि गलत काम होने पर उसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना ज़रूरी है। उनका तर्क था कि Gen-Z महाजुटन का मक़सद युवाओं-छात्रों के मुद्दों को सामने लाना और सरकार से जवाब मांगना है।

नेहा बोरा कौन हैं? संक्षिप्त परिचय

नेहा बोरा एक पीएचडी छात्रा और छात्र आंदोलन की सक्रिय नेता हैं। वे AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, जो CPI(ML) लिबरेशन से जुड़ी छात्र संगठन है। हाल के महीनों में वे जंतर-मंतर प्रदर्शनों, NEP-2020, NTA और परीक्षा अनियमितताओं जैसे मुद्दों पर लगातार सामने आई हैं।

Gen-Z महाजुटन यात्रा: सिर्फ़ गोरखपुर नहीं, पूरे UP में छात्र आवाज़

AISA ने अगस्त में ही ‘Gen-Z Rising’ अभियान के तहत ‘Gen-Z महाजुटन यात्रा’ की घोषणा की थी, जो 9 सितंबर को प्रयागराज से शुरू हुई और वाराणसी, आज़मगढ़, गोरखपुर से होती हुई फ़ैज़ाबाद और लखनऊ तक जाएगी। मक़सद साफ़ है: शिक्षा, रोज़गार, परीक्षा प्रणाली और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर छात्रों को एक मंच देना।

रिपोर्ट : इस्मा टाइम्स न्यूज़ डेस्क.

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