कुर्था, अरवल, बिहार | 22 सितंबर 2026: स्थानीय थाना क्षेत्र के मुसाढ़ी गांव में सोमवार को बिजली के करंट की चपेट में आने से एक युवक गंभीर रूप से झुलस गया। घायल युवक की पहचान मुसाढ़ी गांव निवासी सुदर्शन सिंह के पुत्र जयकांत कुमार के रूप में हुई है।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की मदद से घायल युवक को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुर्था ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया।
शटडाउन लेकर बिजली पोल पर चढ़ा था युवक
मिली जानकारी के अनुसार, मुसाढ़ी गांव में बिजली आपूर्ति से संबंधित खराबी आ गई थी। खराबी को ठीक करने के लिए जयकांत कुमार ने बिजली विभाग से शटडाउन लेने के बाद बिजली के पोल पर चढ़कर लाइन को दुरुस्त करने का काम शुरू किया।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान अचानक बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। बिजली आने के कारण जयकांत कुमार करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलसने के बाद पोल से नीचे गिर पड़े।
ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल
घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों और परिजनों ने आनन-फानन में घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुर्था पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया।
युवक की हालत गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए उच्च स्वास्थ्य केंद्र रेफर किए जाने की बात कही जा रही है।
शटडाउन के बावजूद बिजली बहाल होने पर सवाल
घटना के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि जब मरम्मत कार्य के लिए बिजली विभाग से शटडाउन लिया गया था, तो इसके बावजूद बिजली आपूर्ति कैसे बहाल हुई।
ग्रामीणों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए पूरे मामले की जांच कराने और यदि जांच में किसी कर्मचारी की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई: जेई
मामले को लेकर कुर्था विद्युत प्रशाखा के कनीय विद्युत अभियंता सूरज कुमार ने बताया कि वह जिले में सूर्य घर योजना को लेकर आयोजित बैठक में शामिल होने आए हैं। उन्होंने कहा कि लौटने के बाद मामले की तहकीकात की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल घटना के बाद बिजली आपूर्ति व्यवस्था और शटडाउन प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शटडाउन के बावजूद बिजली आपूर्ति किस परिस्थिति में बहाल हुई।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
