औरंगाबाद, बिहार | 4 अक्टूबर 2026: औरंगाबाद के गांधी मैदान परिसर में राष्ट्रीय जनता दल की ओर से आयोजित मिलन समारोह में बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने केंद्र और बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा। कार्यक्रम में पूर्व जदयू विधायक अशोक कुमार सिंह समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजद की सदस्यता ग्रहण की। कार्यक्रम की अध्यक्षता गोह विधानसभा क्षेत्र से राजद विधायक अमरेंद्र कुशवाहा ने की, जबकि मंच संचालन अनिल टाइगर ने किया।
टूर प्रोग्राम के अनुसार तेजस्वी यादव को दोपहर 3:15 बजे मंच पर पहुंचना था, लेकिन वह करीब 23 मिनट की देरी से 3:38 बजे मंच पर पहुंचे। कार्यक्रम के समापन तक वह लगभग 44 मिनट मंच पर रहे। मंच पर पहुंचने के बाद उन्होंने वहां मौजूद नेताओं का अभिवादन स्वीकार किया और गांधी मैदान में जुटे लोगों का भी हाथ जोड़कर अभिवादन किया।
अशोक कुमार सिंह ने राजद में वापसी को बताया ‘पैतृक घर’ लौटना
मिलन समारोह का प्रमुख आकर्षण रफीगंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व जदयू विधायक अशोक कुमार सिंह का राजद में शामिल होना रहा। अशोक कुमार सिंह ने अपने संबोधन में तेजस्वी यादव का आभार जताते हुए कहा कि उनके पिता 1990 में गुरुआ से निर्दलीय विधायक बने थे और उस समय लालू प्रसाद यादव की सरकार को समर्थन दिया था।
उन्होंने कहा कि राजद में शामिल होना उनके लिए अपने ‘पैतृक घर’ लौटने जैसा है। उन्होंने कहा कि अब वह राजद में ही रहेंगे और पार्टी को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।
अशोक कुमार सिंह ने अपने भाषण में जदयू और नीतीश कुमार को लेकर भी कई राजनीतिक टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि वह नीतीश कुमार का आज भी सम्मान करते हैं, लेकिन उनके अनुसार तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने में नीतीश कुमार ही सबसे बड़ी बाधा बने।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले नीतीश कुमार के पास लोग आते थे, जबकि अब राजनीतिक परिस्थितियां ऐसी हो गई हैं कि उन्हें खुद लोगों के बीच जाना पड़ रहा है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वह ‘कोठी के राजपूत’ नहीं बल्कि ‘झोपड़ी के राजपूत’ हैं।
2025 में टिकट नहीं मिलने के बाद बदला राजनीतिक रुख
अशोक कुमार सिंह के राजद में शामिल होने के पीछे रफीगंज की पिछली चुनावी राजनीति भी अहम मानी जा रही है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्हें जदयू से टिकट नहीं मिला था। इसके बाद उन्होंने पार्टी के जिलाध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया था।
इससे पहले वह रफीगंज विधानसभा क्षेत्र से 2010 और 2015 में लगातार दो बार जदयू के विधायक रह चुके थे। 2020 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिंह को 53,896 वोट मिले थे। उस चुनाव में अशोक कुमार सिंह चुनाव हार गए थे और राजद के मोहम्मद नेहालुद्दीन ने जीत दर्ज की थी।
2025 के चुनाव के दौरान अशोक कुमार सिंह सक्रिय रूप से चुनावी मैदान में नजर नहीं आए। उस समय धर्मेंद्र कुमार सिंह उर्फ गुड्डू सिंह ने जदयू के जिला संगठन की जिम्मेदारी संभाली थी और वर्तमान में भी वह औरंगाबाद के जदयू जिलाध्यक्ष हैं।
तेजस्वी यादव ने एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर लगाए आरोप
मंच से संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार समेत कई राज्यों में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।
तेजस्वी यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी राजनीतिक पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि चुनाव आयोग के दो अन्य आयुक्तों द्वारा उठाई गई आपत्तियों ने उनकी आशंकाओं को सही साबित किया है।
हालांकि, ये सभी बातें तेजस्वी यादव द्वारा मंच से लगाए गए राजनीतिक आरोप थे और कार्यक्रम में इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र दस्तावेज या आधिकारिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई।
बेरोजगारी, महंगाई और बाढ़ को लेकर सरकार पर हमला
राजद नेता ने बेरोजगारी, पेपर लीक, कथित भ्रष्टाचार और बाढ़-सुखाड़ जैसे मुद्दों को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में आम लोगों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
तेजस्वी यादव ने यह भी दावा किया कि पिछले विधानसभा चुनाव से पहले उनकी पार्टी द्वारा घोषित कई योजनाओं को बाद में सरकार ने अपने स्तर पर लागू किया। उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने, 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और ‘माई-बहिन योजना’ के तहत 2,500 रुपये देने का वादा दोहराते हुए कहा कि सरकार बदलने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी तेजस्वी का निशाना
अपने भाषण में तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराध और महिलाओं के खिलाफ अपराधों का मुद्दा उठाते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
जमुई की एक घटना से जुड़े सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव ने कानून के समान रूप से लागू होने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि आम लोगों पर आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में कार्रवाई होती है तो सत्ता में बैठे लोगों के मामलों में भी समान कानून लागू होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर राजद बिहार पुलिस को अदालत में पक्षकार बनाने की मांग करेगा।
‘पार्टी को सींचने का काम करेंगे अशोक कुमार सिंह’
तेजस्वी यादव ने अशोक कुमार सिंह के राजद में शामिल होने का स्वागत करते हुए कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने और संगठन को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे। उन्होंने समारोह में जुटी भीड़ को आगामी राजनीतिक बदलाव का संकेत भी बताया।
कार्यक्रम के दौरान रफीगंज से जुड़े विकास पासवान, मनोज सिंह, हासन सिद्धकी, संजय सिंह समेत कई अन्य लोगों के राजद में शामिल होने की घोषणा भी की गई।
राजद नेताओं ने दिया सामाजिक समीकरण मजबूत करने पर जोर
रफीगंज विधानसभा क्षेत्र के पूर्व राजद प्रत्याशी डॉक्टर गुलाम शाहिद ने अपने संक्षिप्त संबोधन में पार्टी के सामाजिक आधार को और व्यापक बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने अल्पसंख्यक, अति पिछड़ा, वैश्य और अनुसूचित जाति समेत विभिन्न सामाजिक समूहों को साथ जोड़ने की बात कही।
उन्होंने कहा कि संगठन को ऐसा सामाजिक समर्थन तैयार करना होगा, जिससे पार्टी का वोट प्रतिशत मजबूत हो और बिहार में सरकार बनाने की स्थिति पैदा हो सके।
वहीं नबीनगर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व राजद प्रत्याशी अमोद कुमार चंद्रवंशी ने कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जनता की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता होनी चाहिए।

मंच पर कई वरिष्ठ राजद नेता रहे मौजूद
मिलन समारोह में राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व पर्यटन मंत्री डॉक्टर सुरेश पासवान, औरंगाबाद के राजद सांसद अभय कुमार कुशवाहा, ऋषि यादव, पूर्व विधायक मोहम्मद नेहालुद्दीन, गोह विधायक अमरेंद्र कुशवाहा, डॉक्टर गुलाम शाहिद, टिकारी विधायक अजय दांगी, बोधगया विधायक सर्वजीत पासवान, पूर्व विधायक विनय यादव समेत कई नेता मौजूद रहे।
इसके अलावा राजद के जिला प्रवक्ता रमेश यादव, नेता योगेंद्र यादव, राघवेंद्र सिंह, इंजीनियर सुबोध कुमार सिंह, यूसुफ अंसारी, पंचायती राज प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष सितारा यादव, सैयद शहजादा शाही, उदय कुमार उज्ज्वल, शंकर यादवेंदू, बलराम पाठक और सुमन कुमारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए।
अशोक कुमार सिंह ने इस मौके पर तेजस्वी यादव को गुलदस्ता, देव सूर्य मंदिर का प्रतीक चिन्ह और तलवार भेंट कर सम्मानित किया। मंच पर मौजूद नेताओं ने भी उनका माला पहनाकर स्वागत किया।
गौरतलब है कि कार्यक्रम की अध्यक्षता अमरेंद्र कुशवाहा ने की। वह पूर्व में राजद के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में गोह विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं। कार्यक्रम के दौरान यह भी चर्चा रही कि औरंगाबाद में अभी राजद का स्थायी जिलाध्यक्ष नियुक्त नहीं हुआ है।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
