कुर्था, बिहार: लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए बिहार के कुर्था प्रखंड से जनता दल यूनाइटेड (JDU) के दर्जनों नेता और कार्यकर्ता गुजरात के लिए रवाना हुए। इस दौरान कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जदयू नेताओं और कार्यकर्ताओं के जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल की विश्वप्रसिद्ध प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के पास राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में शामिल होकर जदयू नेता और कार्यकर्ता सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और उनके विचारों पर चलने का संकल्प लेंगे।
सरदार पटेल के योगदान को किया याद
इस मौके पर कुर्था जदयू प्रखंड अध्यक्ष आकाश कुशवाहा, जदयू किसान प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रविशंकर कुमार प्रसाद तथा जदयू नेता नीरज कुशवाहा और राजनाथ सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि देश की आजादी के बाद विभिन्न रियासतों को एकजुट करने में सरदार वल्लभभाई पटेल ने अहम भूमिका निभाई थी।
उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में सरदार पटेल के योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय एकता दिवस मनाने का मकसद देशवासियों के बीच आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और एकजुटता की भावना को मजबूत करना है।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं सरदार पटेल
जदयू नेताओं ने कहा कि सरदार पटेल के आदर्श आज भी युवाओं और आम नागरिकों को देश की एकता और अखंडता के लिए काम करने की प्रेरणा देते हैं। उनके विचारों को अपनाकर समाज में आपसी सद्भाव और राष्ट्रीय एकजुटता को बढ़ावा दिया जा सकता है।
गुजरात रवाना हुए कार्यकर्ताओं ने भी इस आयोजन में शामिल होने को अपने लिए गौरव की बात बताया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम से लौटने के बाद क्षेत्र में राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
नेताओं ने कहा कि देश की तरक्की और मजबूती के लिए आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और एकजुटता को बनाए रखना जरूरी है। राष्ट्रीय एकता दिवस के माध्यम से सरदार पटेल के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
संपादकीय नोट: मूल खबर में तारीख 29 अक्टूबर 2026 दी गई है। प्रकाशन से पहले मुख्यमंत्री के नाम, रवाना किए गए जत्थे और कार्यक्रम की तारीख की आधिकारिक पुष्टि कर लें।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
