अरवल, बिहार (29 अक्टूबर 2026): बिहार सरकार के श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की ओर से गुरुवार को जिला कृषि सभा कक्ष, अरवल में चार नई श्रम संहिताओं और उनसे संबंधित नियमों को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य श्रमिकों, नियोजकों, श्रमिक संगठनों और संबंधित अधिकारियों को श्रम कानूनों के प्रावधानों, अधिकारों और जिम्मेदारियों की जानकारी देना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अरवल के श्रम अधीक्षक और गया जी के कारखाना निरीक्षक ने की। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को श्रम संहिताओं के उद्देश्यों, उनके प्रमुख प्रावधानों और श्रमिकों व नियोजकों की जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी दी गई।
श्रमिकों के अधिकारों और सुरक्षा पर जोर
कार्यक्रम में बताया गया कि श्रमिक किसी भी संस्थान, प्रतिष्ठान और औद्योगिक गतिविधि का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। उनके श्रम, कौशल और योगदान से आर्थिक गतिविधियों को गति मिलती है। ऐसे में उनके अधिकारों की रक्षा करना, उन्हें नियमानुसार मिलने वाले लाभों की जानकारी देना और कार्यस्थल पर सुरक्षित व सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करना जरूरी है।
प्रशिक्षण के दौरान श्रमिकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और काम से संबंधित जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखने की सलाह दी गई। साथ ही, किसी तरह की समस्या या अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित श्रम विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।
नियोजकों को भी जिम्मेदारियों की जानकारी
कार्यक्रम में नियोजकों को लागू श्रम कानूनों और नियमों का पालन करने की जरूरत से अवगत कराया गया। उन्हें श्रमिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारियां निभाने और कार्यस्थल पर निर्धारित मानकों का ध्यान रखने का संदेश दिया गया।
वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों और नियोजकों के बीच बेहतर तालमेल से श्रम कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिल सकती है। इसके लिए जरूरी है कि दोनों पक्ष अपने अधिकारों और दायित्वों को समझें।
श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों और अन्य प्रतिभागियों को श्रम संहिताओं की जानकारी श्रमिकों तक पहुँचाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। विभाग का उद्देश्य श्रमिकों के हितों की रक्षा करना, उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और नियोजकों को नियमों के अनुपालन के प्रति संवेदनशील बनाना है।
कार्यक्रम में जिला कृषि पदाधिकारी, अरवल, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), अरवल के प्राचार्य, सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, विकास पथ संस्था (विक्रम) के सदस्य तथा जिले के विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि और नियोजक शामिल हुए।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए श्रम कानूनों की जानकारी को अधिक लोगों तक पहुँचाने और श्रमिकों, नियोजकों तथा विभागीय अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
