कुर्था, बिहार (29 अक्टूबर 2026): अरवल जिले के कुर्था प्रखंड अंतर्गत ढोढ़रा गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में गुरुवार को होम्योपैथी दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत राज्य आयुष समिति, बिहार, पटना द्वारा संचालित कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारियों से अवगत कराना था।
कार्यक्रम की शुरुआत ढोढ़रा में कार्यरत होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. राजकुमार ने होम्योपैथी के जनक डॉ. क्रिश्चियन फ्रेडरिक सैमुअल हैनिमैन के चित्र पर पुष्प अर्पित करके की। इस दौरान उन्होंने होम्योपैथी के सिद्धांतों, इसकी चिकित्सा पद्धति और जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की अहमियत पर चर्चा की।
समय पर इलाज और चिकित्सकीय सलाह जरूरी
डॉ. राजकुमार ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना, बीमारी के लक्षणों को समय रहते पहचानना और योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाओं का इस्तेमाल करने से बचें।
उन्होंने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी पहुँचाने और होम्योपैथी के बारे में लोगों को जागरूक करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
आयुष की विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों पर चर्चा
कार्यक्रम में आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश भी दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आयुष की विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के बारे में सही जानकारी हासिल करना और प्रशिक्षित चिकित्सकों से सलाह लेना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में स्वयं दवा लेने से बचने और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करने की सलाह दी।
बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल
इस अवसर पर जदयू के जिला प्रवक्ता चाँद मलिक, आजाद कुरैशी, फिदा हुसैन, शैलेश कुमार, कृष्णा सिंह और मोहम्मद मेराज समेत सैकड़ों ग्रामीण एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, सही चिकित्सकीय सलाह लेने और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने का संदेश दिया गया।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
