जिले को मिले 90 लक्ष्यों के मुकाबले 124 आवेदन बैंक भेजे गए, अब तक 32 ऋण स्वीकृत
अरवल, बिहार (28 सितंबर 2026): प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) की प्रगति को लेकर सोमवार को समाहरणालय परिसर में समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी जिला पदाधिकारी श्री शैलेश कुमार ने की।
बैठक में योजना के तहत जिले में प्राप्त आवेदनों, विभिन्न बैंकों को भेजे गए आवेदन तथा ऋण स्वीकृति की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने योजना के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले अब तक हुई प्रगति की जानकारी भी साझा की।
90 के लक्ष्य के मुकाबले 124 आवेदन बैंक भेजे गए
समीक्षा के दौरान बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अरवल जिले को PMFME योजना के तहत 90 भौतिक लक्ष्यों का आवंटन किया गया है। इसके मुकाबले जिला उद्योग केंद्र की ओर से अब तक विभिन्न बैंक शाखाओं को 124 आवेदन भेजे जा चुके हैं।
इनमें से बैंकों द्वारा अब तक 32 आवेदनों को ऋण स्वीकृति दी गई है। यह जिले के निर्धारित लक्ष्य का लगभग 35.55 प्रतिशत है।
बैंकवार प्रगति की समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ बैंकों में ऋण स्वीकृति की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। इस पर प्रभारी जिला पदाधिकारी ने संबंधित बैंक अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताते हुए लंबित आवेदनों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया।
15 दिनों के भीतर लंबित आवेदनों पर कार्रवाई का निर्देश
श्री शैलेश कुमार ने सभी संबंधित बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के तहत प्राप्त और लंबित आवेदनों का 15 दिनों के भीतर नियमानुसार निष्पादन किया जाए। उन्होंने पात्र लाभुकों को समय पर ऋण स्वीकृत करने के साथ-साथ स्वीकृत ऋण की राशि का भुगतान सुनिश्चित करने को भी कहा।
उन्होंने जिला उद्योग केंद्र को बैंकों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखने और योजना की प्रगति की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया, ताकि पात्र लाभुकों को अनावश्यक रूप से बैंकिंग प्रक्रिया में लंबा इंतजार न करना पड़े।
सूक्ष्म खाद्य उद्यमों को बढ़ावा देना है योजना का उद्देश्य
प्रभारी जिला पदाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना का उद्देश्य सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को वित्तीय एवं अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पात्र लाभुकों के आवेदनों के निष्पादन में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभाग और बैंक आपसी समन्वय से योजना के लक्ष्यों को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम करें।
बैठक में महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र अरवल, अग्रणी जिला प्रबंधक, पंजाब नेशनल बैंक अरवल, विभिन्न बैंकों के समन्वयक, उद्योग विस्तार पदाधिकारी और जिला संसाधन सेवी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
