औरंगाबाद (बिहार), 2 सितंबर 2026: गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक परेशानी झेल रहे जरूरतमंद परिवारों के लिए आयुष्मान भारत योजना एक अहम स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है। इसके तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। योजना से जुड़े सूचीबद्ध अस्पतालों में कई गंभीर बीमारियों के इलाज और ऑपरेशन की सुविधा निर्धारित नियमों के तहत उपलब्ध कराई जाती है।
केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को झारखंड की राजधानी रांची से की थी। इसके बाद 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ देने के लिए 29 अक्टूबर 2024 से आयुष्मान वय वंदना योजना शुरू की गई।
आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत पात्र बुजुर्गों को व्यक्तिगत तौर पर पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाता है। खास बात यह है कि वय वंदना कार्ड बनवाने के लिए राशन कार्ड अनिवार्य नहीं है। 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र बुजुर्ग इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रही संस्था
औरंगाबाद की स्वयंसेवी संस्था पथ प्रदर्शक वर्ष 2021 से लगातार ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर लोगों को आयुष्मान भारत योजना के बारे में जानकारी दे रही है। संस्था का उद्देश्य केवल योजना की जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए शिविर आयोजित करने और मरीजों को इलाज से जुड़ी मदद उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
इसी अभियान के तहत बुधवार को पथ प्रदर्शक के संस्थापक सह सचिव बमेंद्र कुमार सिंह रफीगंज प्रखंड की गोरडीहा पंचायत के मई गांव पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद युवाओं और बुजुर्गों को आयुष्मान भारत योजना तथा आयुष्मान वय वंदना योजना के प्रावधानों और लाभों की जानकारी दी।
बमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत जिला क्रियान्वयन इकाई, औरंगाबाद के सहयोग से 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाने के लिए शिविर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने पात्र बुजुर्गों से शिविर में पहुंचकर कार्ड बनवाने और योजना का लाभ लेने की अपील की।
इस दौरान आयुष्मान भारत जागरूकता अभियान में पथ प्रदर्शक की टीम के सदस्य धनंजय कुमार और साबिया परवीन के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय युवा और बुजुर्ग भी मौजूद रहे।
ग्रामीण स्तर पर चलाए जा रहे इस अभियान का मकसद पात्र लोगों तक सरकारी स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं की जानकारी पहुंचाना और उन्हें समय पर योजना का लाभ दिलाने में मदद करना है।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
