औरंगाबाद, बिहार। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री मोहन मरकाम ने शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को औरंगाबाद जिला मुख्यालय स्थित सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया का इस्तेमाल विपक्षी दलों के समर्थकों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। मरकाम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में औरंगाबाद के पूर्व कांग्रेस विधायक एवं वर्तमान जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद शंकर सिंह, नागेंद्र सिंह, सत्येंद्र नारायण, पर्यवेक्षक अमरेंद्र कुमार, मृत्युंजय सिंह, संजय यादव, धीरेंद्र सिंह, शैलेंद्र मिश्रा समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
‘लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों पर हमला’
पत्रकारों को संबोधित करते हुए मोहन मरकाम ने कहा कि भारत में 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र नागरिकों को मतदान का अधिकार प्राप्त है। उनके अनुसार, कथित वोट चोरी से मतदाताओं के अधिकार और लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित होती है।
मरकाम ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया का इस्तेमाल गैर-भाजपा मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया गया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य सूची को दुरुस्त करना होना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक दल के समर्थकों को नुकसान पहुंचाना।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
ये आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
SIR में 13 करोड़ नामों को लेकर विवाद
मोहन मरकाम ने दावा किया कि SIR के दौरान देशभर में लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए। उन्होंने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित होने के मामले की जांच जरूरी है।
हालांकि, चुनाव आयोग ने अक्टूबर 2026 में स्पष्ट किया था कि SIR के तीन चरणों में लगभग 13.39 करोड़ मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट और अन्य श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था। आयोग के मुताबिक, इन सभी नामों को गलत तरीके से हटाए गए मतदाता मानना सही नहीं है। पात्र मतदाताओं के लिए नाम शामिल कराने और आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया भी उपलब्ध कराई गई थी।
मरकाम ने दावा किया कि राहुल गांधी लंबे समय से मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के मुद्दे पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के भीतर उठाई गई आपत्तियों को नजरअंदाज किया गया। उनके मुताबिक, इस मामले में सामने आए तथ्यों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री के इस्तीफे और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग
मोहन मरकाम ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्तीफा दें, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए और SIR की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम बहाल किए जाएं।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की व्यवस्था में बदलाव करके सरकार ने अपनी पसंद के व्यक्ति को मुख्य चुनाव आयुक्त बनाने का रास्ता तैयार किया। मरकाम ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
उन्होंने बताया कि विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा गया है और राहुल गांधी ने भी न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लिया है। मरकाम ने कहा कि पार्टी आगे की रणनीति पर नेतृत्व के निर्णय के अनुसार काम करेगी।
‘जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता’
जब संवाददाता ने उनसे पूछा कि क्या विपक्ष इस मुद्दे पर संसद से सामूहिक इस्तीफा देने जैसा कदम उठा सकता है, तो मरकाम ने कहा कि फिलहाल विपक्ष सड़क और सदन दोनों जगह अपनी लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आगे की रणनीति पार्टी का शीर्ष नेतृत्व तय करेगा।
सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद के सवाल पर मरकाम ने कहा कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है और उम्मीद है कि विपक्ष तथा देश के नागरिकों को न्याय मिलेगा।
सत्तापक्ष की ओर से विपक्ष के आरोपों को गंभीरता से नहीं लिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जनता, युवा और समाज के विभिन्न वर्ग इन मुद्दों को समझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े सवालों पर लोगों की भागीदारी बढ़ रही है।
उपेंद्र कुशवाहा के बयान पर भी साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब मोहन मरकाम से राष्ट्रीय लोक मोर्चा के संस्थापक और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के उस कथित बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें उन्होंने SIR के मुद्दे पर राहुल गांधी की आलोचना की थी, तो मरकाम ने कहा कि राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं और वह बिना वजह सवाल नहीं उठा रहे हैं।
इसी मुद्दे पर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष आनंद शंकर सिंह ने भी उपेंद्र कुशवाहा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुशवाहा भाजपा का विरोध करने की स्थिति में नहीं हैं। सिंह ने उनके राज्यसभा सांसद बनने और उनके बेटे के मंत्री होने का उल्लेख करते हुए राजनीतिक टिप्पणी की।
ये बयान दोनों कांग्रेस नेताओं की राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आए।
देव मेडिकल कॉलेज को लेकर आनंद शंकर सिंह ने रखी अपनी मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देव स्थित पातालगंगा मठ की जमीन पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का मुद्दा भी उठा। संवाददाता ने आनंद शंकर सिंह से पूछा कि यदि राजद सांसद अभय कुशवाहा PPP यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज बनाने का समर्थन करते हैं, तो इस पर उनकी क्या राय है।
इस सवाल पर आनंद शंकर सिंह ने कहा कि सांसद अभय कुशवाहा का अपना विचार हो सकता है, लेकिन उनकी मांग है कि देव में सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण होना चाहिए।
सिंह ने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान उन्होंने भी देव में सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाने की मांग रखी थी। उनके अनुसार, इस परियोजना के लिए 434 करोड़ रुपये जारी किए जाने की बात कही गई थी।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि परियोजना PPP मॉडल के तहत आगे बढ़ती है, तो जनता और सरकार के पैसे के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ सकते हैं। उन्होंने दोहराया कि उनकी प्राथमिकता सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण है, ताकि आम लोगों को इलाज की सुविधा मिल सके।
हालांकि, मेडिकल कॉलेज की लागत, वित्तीय स्वीकृति और निर्माण मॉडल के संबंध में अंतिम स्थिति की पुष्टि संबंधित सरकारी आदेशों और परियोजना दस्तावेजों से की जानी चाहिए।
विकास कार्यों का श्रेय लेने पर भी बोले कांग्रेस जिलाध्यक्ष
औरंगाबाद जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज और राष्ट्रीय राजमार्ग-139 की मंजूरी जैसे मुद्दों पर विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से श्रेय लेने के सवाल पर आनंद शंकर सिंह ने कहा कि जनता जानती है कि किसने क्या प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का श्रेय किसी एक व्यक्ति या दल तक सीमित नहीं होना चाहिए, क्योंकि कई लोगों के प्रयास से योजनाएं आगे बढ़ती हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, “कद्दू कटे तो घर-घर बंटे।”
कांग्रेस ने जारी रखने की बात कही अपनी लड़ाई
औरंगाबाद में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण, चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और देव में मेडिकल कॉलेज के निर्माण जैसे मुद्दे उठाए। मोहन मरकाम ने कथित वोट चोरी के आरोपों की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई, जबकि आनंद शंकर सिंह ने सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के निर्माण पर जोर दिया।
चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों और मेडिकल कॉलेज के निर्माण मॉडल को लेकर उठाए गए सवालों पर अंतिम निष्कर्ष के लिए संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड, सरकारी निर्णय और उपलब्ध साक्ष्यों को देखना आवश्यक है।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
