औरंगाबाद, बिहार | 24 सितंबर 2026: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद की ओर से 12 सितंबर 2026 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता और उल्लेखनीय परिणाम में योगदान देने वाले न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, पुलिस पदाधिकारियों, न्यायालय कर्मियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं अन्य सहयोगियों के सम्मान में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन विधिक सेवा सदन, व्यवहार न्यायालय परिसर, औरंगाबाद में किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, औरंगाबाद राजीव रंजन कुमार मौजूद रहे। जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा की अनुपस्थिति में विशिष्ट अतिथि के रूप में उप विकास आयुक्त अनुपम सिंह ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में औरंगाबाद ने बनाए नए रिकॉर्ड
12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में औरंगाबाद न्यायमंडल ने विभिन्न श्रेणियों के मामलों के निष्पादन में अपने पूर्व के कई रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए अपेक्षा से अधिक मामलों का निस्तारण किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अनुसार, यह उपलब्धि न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, पुलिस पदाधिकारियों, न्यायालय कर्मियों और अन्य संबंधित पक्षों के सामूहिक प्रयास तथा बेहतर समन्वय का परिणाम रही।

पारिवारिक मामलों में 50 वादों का निष्पादन
राष्ट्रीय लोक अदालत में पारिवारिक मामलों के निष्पादन में 50 वादों का निस्तारण किया गया। समारोह में बताया गया कि इस प्रदर्शन के साथ औरंगाबाद न्यायमंडल ने पारिवारिक मामलों के निष्पादन में पूरे बिहार में शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार ने कहा कि लोक अदालत केवल मामलों के निस्तारण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह पक्षकारों के बीच आपसी सहमति, संवाद और सौहार्दपूर्ण समाधान का प्रभावी मंच भी है।
उन्होंने कहा कि पारिवारिक विवादों का समाधान केवल एक मुकदमे का निस्तारण नहीं होता, बल्कि इससे परिवारों के बीच संवाद और विश्वास बहाल करने का अवसर भी मिलता है।
न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं की भूमिका की सराहना
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता में योगदान देने वाले न्यायिक पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं की भूमिका की सराहना की। विशेष रूप से प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय अरुण कुमार और अधिवक्ता राणा सरोज कुमार सिंह के पारिवारिक मामलों के निष्पादन में योगदान की प्रशंसा की गई।
पारिवारिक विवादों के समाधान और अधिकाधिक मामलों के निष्पादन में योगदान के लिए दोनों को विशेष रूप से प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
पुलिस पदाधिकारियों को भी किया गया सम्मानित
राष्ट्रीय लोक अदालत में समझौता योग्य मामलों की पहचान, संबंधित पक्षकारों से संपर्क और मामलों के निष्पादन में पुलिस प्रशासन की भूमिका की भी सराहना की गई।
नगर थाना, देव थाना और बड़ेम थाना सहित जिले के विभिन्न थानों के थानाध्यक्षों और पुलिस पदाधिकारियों को उनके सहयोग के लिए सम्मानित किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पुलिस पदाधिकारियों को भविष्य में भी इसी तरह तत्परता और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कई न्यायिक पदाधिकारी और अधिवक्ता सम्मानित
राष्ट्रीय लोक अदालत में अन्य मामलों के प्रभावी निष्पादन में योगदान के लिए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लाल बिहारी पासवान, एसीजेएम दीवान फहद खान, संदीप कुमार सिंह, प्रदीप चंद्र, अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी, औरंगाबाद अनीस कुमार तथा अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी, दाउदनगर विकास कुमार सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में अधिवक्ता कृष्ण प्रताप और मोहम्मद मिराजुल सलाम को भी उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। अभियोजन पक्ष से सहायक अभियोजक निधि और राज किशोर सिंह को भी सम्मान प्रदान किया गया।
उप विकास आयुक्त ने लोक अदालत की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
समारोह में उप विकास आयुक्त अनुपम सिंह ने राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े सभी पदाधिकारियों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि नागरिकों के लिए न्याय तक सहज और सुलभ पहुंच महत्वपूर्ण है तथा लोक अदालत इस दिशा में प्रभावी भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि सुलह और समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान पक्षकारों के समय, श्रम और संसाधनों की बचत के साथ सामाजिक सौहार्द को भी मजबूत करता है।
उन्होंने पारिवारिक मामलों के निष्पादन में औरंगाबाद न्यायमंडल की उपलब्धि की भी सराहना की।
मीडिया और न्यायालय कर्मियों को भी सम्मान
राष्ट्रीय लोक अदालत की गतिविधियों और आयोजन की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने तथा मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार में सहयोग के लिए प्रेस प्रतिनिधि सह अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही को भी सम्मानित किया गया।
इसके अलावा राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाले न्यायालय कर्मियों और अन्य संबंधित कर्मचारियों को भी उनके सराहनीय कार्य, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के लिए सम्मानित किया गया।
तान्या पटेल सहित कई अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल सहित न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, पुलिस पदाधिकारी, न्यायालय कर्मी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का मंच संचालन न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी शिवांगी कुमारी ने किया। उन्होंने अतिथियों, सम्मानित व्यक्तियों और उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का संचालन किया।
अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद की ओर से राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता में योगदान देने वाले सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, पुलिस पदाधिकारियों, न्यायालय कर्मियों, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
प्राधिकार ने उम्मीद जताई कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से भविष्य में भी विधिक सेवा और वैकल्पिक विवाद समाधान के क्षेत्र में प्रभावी कार्य जारी रहेगा।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
