Mohan Bhagwat in Madison Square: Politics of hate and Mask of inclusiveness
Examines Mohan Bhagwat’s Madison Square speech, contrasting claims of inclusiveness with documented patterns of hate politics and rising intolerance in India.
Examines Mohan Bhagwat’s Madison Square speech, contrasting claims of inclusiveness with documented patterns of hate politics and rising intolerance in India.
लेखिका अपराजिता मिश्रा ने कहा कि विकास की असली पहचान ऊंची इमारतें नहीं, बल्कि आम जनता तक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, न्याय और सम्मान पहुंचना है।
यह लेख सरकारी धन को जनता की सामूहिक तिजोरी मानने और सार्वजनिक खर्च पर नागरिकों की सजगता व निगरानी की जरूरत पर सवाल उठाता है। RTI, कर व्यवस्था और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी के जरिए लेखक सी. एम. जैन बताते हैं कि जनता को अपने पैसे के इस्तेमाल का हिसाब मांगना क्यों जरूरी है।
Najmuddin A. Farooqi explores the value of time, the power of living in the present, and how meaningful choices today can shape our future and legacy.
डॉ. सम्पूर्णानन्द मिश्र ने बेहतर पाचन और स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेदिक जीवनशैली, संतुलित खान-पान और नियमित दिनचर्या अपनाने पर जोर दिया। लेख में पेट की सेहत और पाचन तंत्र को लेकर कई आयुर्वेदिक सुझाव दिए गए हैं।
बदलते मौसम में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 से बचाव के लिए इसके लक्षण, संक्रमण का तरीका, जरूरी सावधानियां और आयुर्वेदिक उपायों की जानकारी जानिए।
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बताया कि 43 कंपनियों के 5.44 लाख करोड़ बकाया में से 3.53 लाख करोड़ हेयरकट के नाम पर माफ हो गए।
20 जुलाई 2026 के जंतर-मंतर प्रदर्शन में पुलिस की बर्बरता, पेलेट गन से एक छात्र की आँख गई, अमित शाह से इस्तीफे की मांग. क्यों उठ रहे हैं लोकतंत्र का सवाल, जानते हैं पूरी सच्चाई.
पूर्व चीफ जस्टिस एस. मुरलीधर ने जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन की तारीफ करते हुए कहा कि ‘दिमागी नक्सल’ का लेबल युवाओं को डरा नहीं सकता। जानिए उनका पूरा संदेश और 2047 के भारत का सपना।