जहानाबाद, बिहार, 11 सितंबर 2026। बिहार सरकार की आरक्षण क्रियान्वयन समिति की अध्यक्ष एवं एमएलसी अनामिका सिंह पटेल शुक्रवार को जहानाबाद पहुंचीं। इस दौरान सर्किट हाउस में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आरक्षण की वर्तमान व्यवस्था, उसके क्रियान्वयन और एससी-एसटी वर्ग से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने समिति की अध्यक्ष के सामने अपनी मांगें और सुझाव रखे। संघ के मुताबिक बैठक सकारात्मक और संतोषजनक रही।
बैठक के दौरान एससी-एसटी कर्मचारी संघ की ओर से अनामिका सिंह पटेल का अंगवस्त्र और बुके देकर सम्मान भी किया गया।
11 सूत्री मांग पत्र सौंपा
बैठक के बाद कर्मचारी संघ ने आरक्षण क्रियान्वयन समिति की अध्यक्ष को 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा। संघ ने मांग की कि सरकारी सेवाओं में पदोन्नति के दौरान एससी-एसटी वर्ग के लिए आरक्षण व्यवस्था को दोबारा लागू किया जाए।
संघ ने यह भी मांग रखी कि बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में मौजूद एकल पदों पर आबादी के अनुपात को ध्यान में रखते हुए एससी-एसटी वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। मांग पत्र में डीएम, एसपी, डीएसपी, थाना अध्यक्ष, कमिश्नर, प्रधान सचिव, मुख्य सचिव, प्रिंसिपल, कुलपति, प्रधान न्यायाधीश, सीजीएम और चुनाव आयुक्त जैसे पदों का उल्लेख किया गया है।
आरक्षण का दायरा बढ़ाने की मांग
कर्मचारी संघ ने एससी-एसटी आरक्षण का दायरा दोबारा बढ़ाने की मांग भी रखी। इसके साथ ही एससी-एसटी वर्ग के कर्मचारियों और अधिकारियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था किए जाने की मांग की गई।
संघ का कहना है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी समाज का एक हिस्सा शिक्षा और विकास की मुख्यधारा से पीछे है। ऐसे परिवारों के बच्चों के लिए आवासीय शिक्षा की व्यवस्था करने तथा स्नातकोत्तर स्तर तक निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी पत्र में शामिल की गई है।
निजी और मान्यता प्राप्त संस्थानों में आरक्षण की मांग
मांग पत्र में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में एनजीओ के माध्यम से होने वाली कर्मचारियों की नियुक्तियों में भी एससी-एसटी आरक्षण लागू करने की मांग की गई।
इसके अलावा बिहार सरकार से मान्यता प्राप्त निजी एवं शैक्षणिक-प्रशिक्षण संस्थानों में एससी-एसटी विद्यार्थियों के लिए आरक्षण और निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था करने की मांग रखी गई। इनमें मेडिकल, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज जैसे संस्थानों का उल्लेख किया गया है।
संघ ने इन संस्थानों की ट्यूशन फीस के अनुरूप एससी-एसटी छात्र-छात्राओं को पूर्ण छात्रवृत्ति देने की मांग भी की।
नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग
कर्मचारी संघ ने एससी-एसटी आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग उठाई। साथ ही कहा कि एससी-एसटी कोटे में अन्य जातियों को शामिल नहीं किया जाना चाहिए।
मांग पत्र में मठों और मंदिरों में भी आरक्षण लागू करने तथा धर्म न्याय परिषद में एससी-एसटी समुदाय के लोगों को प्रतिनिधित्व देने की मांग शामिल की गई है।
इन पदाधिकारियों ने सौंपा मांग पत्र
एससी-एसटी कर्मचारी संघ की ओर से मांग पत्र सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष डॉ. अरविंद चौधरी, जिला सचिव रामजीवन पासवान, सदस्य अनिल कुमार चौधरी और कुनील दास मौजूद रहे।
बैठक के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने आरक्षण से जुड़े मुद्दों को समिति की अध्यक्ष के सामने विस्तार से रखा और मांगों पर आवश्यक कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
