औरंगाबाद (बिहार) : औरंगाबाद जिले के अंबा थाना क्षेत्र के जीवा बिगहा स्थित हरि ईंट भट्ठा में काम करने वाले उत्तर प्रदेश निवासी मजदूर ज्ञान सिंह की संदिग्ध मौत के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। घटना के करीब ढाई महीने बाद मंगलवार को मृतक के पिता मिश्री लाल और बहन ज्ञानवती कुमारी ने पुलिस अधीक्षक, औरंगाबाद उपेंद्रनाथ वर्मा से मुलाकात की।
दोनों ने एसपी को आवेदन देकर मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। उनका कहना है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
परिवार ने क्या लगाया आरोप?
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बिंदकी थाना क्षेत्र के बेहटा गांव निवासी मृतक के पिता मिश्री लाल ने अपने आवेदन में बताया कि उनके बेटे को फतेहपुर जिले के जाफरगंज थाना क्षेत्र के कटरा गांव निवासी अली राजा काम दिलाने के लिए अंबा थाना क्षेत्र के जीवा बिगहा स्थित हरि ईंट भट्ठा लेकर आया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञान सिंह से करीब छह महीने तक काम कराया गया, लेकिन उसकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया। जब उसने अपने बकाया पैसे मांगे, तो उसे शराब पिलाकर उसकी हत्या कर दी गई और बाद में पूरे मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
मिश्री लाल ने ईंट भट्ठा के मालिक और अली राजा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है।
बहन ने भी जताया हत्या का शक
मृतक की बहन ज्ञानवती कुमारी का कहना है कि शव की हालत देखकर यह मामला आत्महत्या का नहीं लगता। उन्होंने दावा किया कि यदि फांसी लगाकर आत्महत्या की गई होती, तो रस्सी का निशान गर्दन के पीछे होना चाहिए था, जबकि निशान आगे की तरफ था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके भाई के दोनों पैर टूटे हुए थे। इससे उन्हें आशंका है कि पहले उसकी पिटाई की गई, फिर हत्या कर शव को फंदे से लटकाकर आत्महत्या दिखाने की कोशिश की गई।
7 मई 2026 को मिला था शव
गौरतलब है कि 7 मई 2026 की सुबह अंबा थाना क्षेत्र के जीवा बिगहा गांव स्थित हरि ईंट भट्ठा के पास एक बांस से फंदे के सहारे ज्ञान सिंह का शव लटका हुआ मिला था।
मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के बिंदकी थाना क्षेत्र के बेहटा गांव निवासी ज्ञान सिंह के रूप में हुई थी। वह हरि ईंट भट्ठा में मजदूरी करता था।
सुबह जब मजदूर काम पर पहुंचे, तो उनकी नजर शव पर पड़ी। इसके बाद उन्होंने अन्य लोगों को इसकी जानकारी दी और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
सूचना मिलने पर सबसे पहले डायल-112 की पुलिस टीम पहुंची। इसके बाद अंबा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस के पहुंचने से पहले ही वहां मौजूद मजदूर शव को फंदे से नीचे उतार चुके थे। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, औरंगाबाद भेज दिया।
घटना के बाद क्या सामने आया था?
घटना के बाद साथी मजदूरों ने पुलिस को बताया था कि ज्ञान सिंह बुधवार शाम से ही लापता था। रात में उसकी ड्यूटी होने के बावजूद वह ईंट भट्ठा पर काम करने नहीं पहुंचा था।
एक साथी मजदूर ने पुलिस को यह भी बताया था कि ज्ञान सिंह शराब पीने का आदी था और घटना वाली शाम उसने ताड़ी भी पी थी।
हालांकि, घटना के बाद से ही गांव में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कई ग्रामीणों का कहना था कि शव बांस से काफी कम ऊंचाई पर घुटनों के बल लटका हुआ था, जिससे मामला संदिग्ध लग रहा था। लोगों ने आशंका जताई थी कि कहीं पहले किसी दूसरी जगह उसकी हत्या कर शव को यहां लटकाकर आत्महत्या का रूप तो नहीं दिया गया।
एफएसएल टीम ने भी की थी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए अंबा थाना पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम की भी मदद ली गई थी।
पुलिस ने शुरुआत से ही कहा था कि मामले की जांच हत्या और आत्महत्या, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
अब घटना के करीब ढाई महीने बाद मृतक के पिता और बहन ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर हत्या की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की गुहार लगाई है।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय / मोहम्मद रिजवान अंसारी.
