औरंगाबाद, बिहार | 20 सितंबर 2026: पर्यावरण संरक्षण, विद्यालय परिसर में हरियाली बढ़ाने और विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से बारुण प्रखंड के सुंदरगंज स्थित सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जूनियर रेड क्रॉस, औरंगाबाद के तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। साथ ही लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया।
जिला जूनियर रेड क्रॉस के सचिव ने किया नेतृत्व
वृक्षारोपण कार्यक्रम का नेतृत्व जिला जूनियर रेड क्रॉस, औरंगाबाद के जिला काउंसलर-सह-सचिव निरंजय कुमार ने किया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार के साथ शिक्षक अरुण कुमार, शिवम कुमार, संजय कुमार मेहता, रवि रंजन कुमार, संतोष कुमार, सुशील कुमार, विक्रम कुमार, ममता कुमारी, रिंकी कुमारी, आलोक कुमार, अरुण राय सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
वन विभाग से मिले 100 पौधे
जिला जूनियर रेड क्रॉस के जिला काउंसलर-सह-सचिव निरंजय कुमार ने बताया कि वन प्रमंडल पदाधिकारी, औरंगाबाद से 100 पौधों की मांग की गई थी। अनुरोध के बाद वन प्रमंडल पदाधिकारी की ओर से जूनियर रेड क्रॉस, औरंगाबाद को 100 पौधे उपलब्ध कराए गए। इन्हीं पौधों के सहयोग से सुंदरगंज मॉडल स्कूल परिसर में वृक्षारोपण कराया गया।
उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन और समस्त जीव-जगत के अस्तित्व का महत्वपूर्ण आधार हैं। पेड़ों से शुद्ध वायु, छाया, फल और कई प्रकार के प्राकृतिक संसाधन प्राप्त होते हैं।
जलवायु परिवर्तन के दौर में पौधारोपण जरूरी
निरंजय कुमार ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाना और लगाए गए पौधों का संरक्षण करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल पौधारोपण कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल भी आवश्यक है, तभी वे विकसित होकर वृक्ष का रूप ले सकेंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से अपील की कि वे पौधों की देखभाल को अपनी जिम्मेदारी का हिस्सा बनाएं।
विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना विकसित करने पर जोर
जिला जूनियर रेड क्रॉस के सचिव ने कहा कि विद्यालय बच्चों में पर्यावरणीय चेतना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। यदि विद्यार्थियों को शुरुआती उम्र से ही प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाया जाए, तो वे आगे चलकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक नागरिक की भूमिका निभा सकते हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में “एक पौधा—एक जिम्मेदारी” की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।
पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी लेंगे विद्यार्थी
विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार ने कहा कि जूनियर रेड क्रॉस, औरंगाबाद की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए पर्यावरण संरक्षण की व्यावहारिक शिक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय के छात्र-छात्राओं को पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी से जोड़कर उनमें प्रकृति के प्रति अपनत्व और उत्तरदायित्व की भावना विकसित की जाएगी। उन्होंने विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधि आयोजित करने के लिए जूनियर रेड क्रॉस, औरंगाबाद के प्रति आभार जताया।
स्वच्छ और हरित वातावरण का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी वृक्षारोपण के महत्व पर अपने विचार रखे और विद्यार्थियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों ने कहा कि स्वच्छ, स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।
छात्र-छात्राओं ने लगाए गए पौधों को सुरक्षित रखने, नियमित देखभाल करने और अपने आसपास के लोगों को भी पौधारोपण के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, हरित परिसर और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित संदेश भी विद्यार्थियों को दिए गए। कार्यक्रम का समापन लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और पर्यावरण संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
रिपोर्ट : विश्वनाथ आनंद.
