औरंगाबाद बिहार: बिहार के औरंगाबाद ज़िले की व्यवहार न्यायालय में जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सप्तम) संतोष कुमार झा की अदालत ने नवीनगर थाना कांड संख्या-27/23, एस.टी.आर.-27/25 और 48/26 में सज़ा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए आरोपी को उम्रकैद की सज़ा सुनाई।
अपर लोक अभियोजक (ए.पी.पी.) राधेश्याम सिंह ने बताया कि इस मामले के मुख्य आरोपी अनमोल कुमार गुप्ता उर्फ लड्डू गुप्ता, निवासी नवीनगर, को भारतीय दंड विधान की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सज़ा दी गई है। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत तीन साल की सज़ा और 7 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने आदेश दिया है कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
उन्होंने बताया कि आरोपी 9 सितंबर 2024 से लगातार न्यायिक हिरासत में था। इस दौरान उसे उच्च न्यायालय से भी जमानत नहीं मिली। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल सात गवाहों की गवाही कराई गई।
मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता ने बताया कि इस केस की प्राथमिकी मृतक सज्जन कुमार की पत्नी पूजा देवी, निवासी मंगल बाजार, नवीनगर ने दर्ज कराई थी। उन्होंने अपने बयान में कहा था कि 16 जनवरी 2023 की रात करीब 8:30 बजे वह अपने घर के दरवाजे पर खड़ी थीं, जबकि उनके पति सज्जन कुमार चौकी पर बैठकर खैनी बेच रहे थे।
इसी दौरान उनके सौतेले भसूर अनमोल कुमार गुप्ता एक झोला लेकर वहां पहुंचे। ससुर के श्राद्ध में हुए खर्च और संपत्ति के विवाद को लेकर दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। आरोप है कि इसी दौरान अनमोल कुमार गुप्ता ने झोले से पिस्तौल निकाली और सज्जन कुमार पर तीन गोलियां चला दीं।
गोली चलने की घटना से पूरे बाजार में दहशत और अफरा-तफरी मच गई। घायल सज्जन कुमार जान बचाने के लिए घर के अंदर भागे, लेकिन सीढ़ियों पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद परिजनों और मोहल्ले के लोगों ने उन्हें रेफरल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में अदालत ने 31 जुलाई 2026 को आरोपी को दोषी करार दिया था। इसके बाद सज़ा के बिंदु पर सुनवाई पूरी होने पर अब अदालत ने उसे उम्रकैद और जुर्माने की सज़ा सुनाई है।
रिपोर्ट : अजय कुमार पाण्डेय.
